टेक्स्ट: जब सटीक होना ज़रूरी हो
टेक्स्ट सबसे भरोसेमंद तरीका है। पहचानने के लिए कोई बोली नहीं, अनुवाद मूल के साथ दिखता है, और मैसेज चैट में रहता है। इसे पते, समय, संख्याओं और उन चीज़ों के लिए इस्तेमाल करें जिन्हें आपको बाद में ढूँढना पड़ सकता है।
वॉइस मैसेज: जब कहने को बहुत हो
वॉइस मैसेज टाइप करने से तेज़ है और आपका लहजा साथ ले जाता है। दूसरे को टेक्स्ट, अनुवाद और बोला गया संस्करण मिलता है। पहचान शांत जगह, छोटे मैसेज और साफ़ आवाज़ के साथ सबसे अच्छी होती है।
कॉल: जब बात करके सुलझाना हो
अनुवादित कॉल असली बातचीत के सबसे करीब है, पर दोनों से सबसे ज़्यादा माँगती है: स्थिर कनेक्शन, बारी-बारी बोलना और हर वाक्य के अनुवाद के दौरान थोड़ा धैर्य। कुछ भाषाओं में आप अनुवाद सुनते हैं; कुछ में सबटाइटल पढ़ते हैं।
एक आसान नियम
- कॉल पर तय करें, टेक्स्ट से पक्का करें।
- दूसरा व्यस्त हो तो वॉइस मैसेज से समझाएँ।
- कॉल बार-बार टूटे तो दोहराने के बजाय मैसेज पर आ जाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कौन-सा तरीका सबसे ज़्यादा भाषाएँ सपोर्ट करता है?
टेक्स्ट: मैसेज 92 भाषाओं में अनुवाद होते हैं। कॉल 60 भाषाएँ समझती हैं, 29 में बोले गए अनुवाद के साथ और बाकी 31 में सबटाइटल के साथ।
क्या बिना अनुवाद की कॉल अलग है?
हाँ। अगर आपकी भाषा एक है, तो अनुवाद बंद करें; सपोर्ट करने वाले फ़ोनों के बीच तब कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती है।